शिवगुरू जगत गुरू हैं तो क्या शिवगुरू की दया सिर्फ शिवशिष्य पर होगी या औरों पर भी ?



शिव गुरु जगत गुरु है अर्थात संसार के गुरु है!

तो इनकी दया शिर्फ़ शिव शिष्य पर होगी क्या ?
चूंकि कोई माना जाय कि 5 बेटे का पिता है!
और वो अच्छे शिक्षक है, अच्छा पढाते भी है तो बताइए वह पांचो बेटे में जो भी उनसे शिष्य रूप में कुछ शिखने या पढ़ने की मनोदशा में रहेगा तो वे अपना ज्ञान उन्ही में न उतार पाएंगे। और जो नही चाहेंगे दूसरे में कैसे अपनी ज्ञान को उतार सकेंगे।
जबकि वो तो सभी के परम्  पिता परमेश्वर है अपना पिता है, शिक्षक भी है!उनके परिवार के लोग सभी कहते है कि मेरे पिता जी अच्छे शिक्षक है।
जैसे:- एक स्कूल है। उस स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थी को जान रहे है। स्कूल का शिक्षक कही भी किसी बच्चे को खेलते घूमते टहलते दिखेंगे! शिक्षक उसे देखेगे तो ये तो मेरे स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थी है। तो उसे डाटेगे और उनके मम्मी पापा को शिकायत करेंगे। लेकिन पास में ही दूसरा लड़का खेल रहा गंदा गंदा गाली भी दे रहा है। शिक्षक को चु भी नही रेगेंगा। क्योकि वो बच्चे उनके पास नही पढ़ते है।

गुरु अपने शिष्य की जवाब देहि लेते है.!

इसलिए कहने मात्र से नही बल्कि सचमुच शिष्य के रूप में गुरु से जुड़ने के बाद ही गुरु से ज्ञान की प्राप्ति या गुरु की दया का पात्र हो सकता है ।
ठीक परमात्मा भी उसी प्रकार ईश्वर स्वरूप में सबके है। गुरु स्वरूप में भी है! लेकिन जो शिष्य भाव लिए पहुंचता वहाँ वह शिव की की दया भाव जागृत हो शिष्य में उतर कर शिष्य की अविकसित चेतना को परिमार्जित कर शिव बनाने का काम करते है।

गुरु की दया सिर्फ शिष्य पर ही होता है।

गुरु और शिष्य की बीच मे कोई नही आता हैं

करने बैठे जब एक रोज, ज़िन्दगी का हिसाब,
घटा के महादेव को जो देखा, तो कुछ बचा ही नहीं....

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